तन्हा लम्हों में तुझे चुनकर, Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - August 07, 2021 तन्हा लम्हों में चुनकर, एक आशियाना बनाने की कोशिश करता हूँ, हार जाता हूँ, हर दफा, जब भी मुस्कुराने की कोशिश करता हूँ! Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps
Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - November 24, 2020 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
हुस्न पे तारीफ भरी किताब लिख देता। - June 30, 2021 तेरे हुस्न पे तारीफ भरी किताब लिख देता, काश की तेरी वफा तेरे हुस्न के बराबर होती। तेरे हुस्न का दीवाना कहाँ किसी की होगा। सोचता हूँ, हर कागज पे तेरी तारीफ करूँ, फिर लगता है, कहीं पढ़ने वाला तेरे दीवाना ना हो जाए। Read more
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